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Yoga: पेट की गैस एक सामान्य समस्या है, जो अक्सर पेट में भारीपन, सूजन, और असहजता का कारण बनती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे अनुचित खान-पान, असंतुलित जीवनशैली, तनाव, और पाचन तंत्र की गड़बड़ी। योग एक प्रभावी और प्राकृतिक तरीका है जो पेट की गैस को कम करने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इस लेख में, हम पेट की गैस के लिए कुछ प्रमुख योग आसनों और प्राणायाम तकनीकों के बारे में जानेंगे और इनके लाभों पर चर्चा करेंगे।

Yoga पेट की गैस के लिए योग के प्रमुख आसन (Yoga Poses for Gas Relief)

पवनमुक्तासन (Pavanamuktasana – Wind-Relieving Pose)

पवनमुक्तासन पेट की गैस को तुरंत राहत देने के लिए सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। यह आसन पेट पर हल्का दबाव डालकर गैस को बाहर निकालने में मदद करता है।

विधि:

पीठ के बल लेट जाएं।
अपने घुटनों को मोड़ें और उन्हें छाती के पास लाएं।
दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ें।
सिर और छाती को ऊपर उठाएं और ठोड़ी को घुटनों से स्पर्श करें।
इस स्थिति में 10-15 सेकंड तक रहें और सामान्य रूप से सांस लें।
धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में आएं।

लाभ:

पेट की गैस को बाहर निकालता है।
पाचन तंत्र को सुधारता है।
पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

Yoga अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana – Half Lord of the Fishes Pose)

अर्ध मत्स्येन्द्रासन पेट की गैस को कम करने और पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक है। यह आसन पेट और रीढ़ की हड्डी को मोड़ता है, जिससे आंतों में संकुचन और विस्तार होता है।

विधि:

जमीन पर बैठ जाएं और पैर फैलाएं।
बाएं पैर को मोड़कर दाएं पैर के पास रखें।
दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के बाहर रखें।
बाएं हाथ को दाएं घुटने के बाहर रखें और दाएं हाथ को पीछे की ओर रखें।
अपनी रीढ़ को मोड़ें और दाएं कंधे की ओर देखें।
इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें और गहरी सांस लें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर दोहराएं।

लाभ:

पाचन तंत्र को सुधारता है।
पेट की गैस को कम करता है।
रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है।

Yoga भुजंगासन (Bhujangasana – Cobra Pose)

भुजंगासन पेट के अंगों की मालिश करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। यह पेट की गैस को कम करने में सहायक होता है।

Yoga विधि:

पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कंधों के पास रखें।
पैरों को सीधा और एक साथ रखें।
हाथों पर जोर देकर छाती को ऊपर उठाएं।
सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक रहें और गहरी सांस लें।
धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में आएं।

लाभ:

पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।

Yoga सेतुबंधासन (Setu Bandhasana – Bridge Pose)

सेतुबंधासन पेट की गैस को बाहर निकालने और पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक है। यह आसन पेट पर हल्का दबाव डालता है, जिससे गैस निकलने में मदद मिलती है।

विधि:

पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़ें।
पैरों को कूल्हों की चौड़ाई पर रखें।
हाथों को शरीर के पास रखें और फर्श पर दबाव डालें।
कमर और कूल्हों को ऊपर उठाएं।
इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक रहें और सामान्य रूप से सांस लें।
धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में आएं।
लाभ:

पेट की गैस को कम करता है।
पाचन तंत्र को सुधारता है।
रीढ़ और कमर को मजबूत करता है।

Yoga वज्रासन (Vajrasana – Thunderbolt Pose)

Yoga

वज्रासन पाचन तंत्र को सुधारने और पेट की गैस को कम करने में अत्यधिक प्रभावी है। भोजन के बाद इस आसन का अभ्यास करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

विधि:

घुटनों के बल बैठ जाएं।
एड़ियों को बाहर की ओर और पैरों को नीचे की ओर रखें।
हाथों को घुटनों पर रखें।
रीढ़ को सीधा रखें और सामान्य रूप से सांस लें।
इस स्थिति में 5-10 मिनट तक रहें।

लाभ:

पाचन शक्ति को बढ़ाता है।
पेट की गैस को कम करता है।
मन को शांति प्रदान करता है।
प्राणायाम (Breathing Techniques for Gas Relief)
कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayama)

कपालभाति प्राणायाम पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और पेट की गैस को कम करता है। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।

विधि:

आरामदायक स्थिति में बैठें।
नाक से तेजी से साँस छोड़ें और पेट को अंदर की ओर खींचें।
साँस को सामान्य रूप से अंदर लें।
इस प्रक्रिया को 20-30 बार दोहराएं।
लाभ:

पेट की गैस को कम करता है।
पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

Yoga अनुलोम विलोम प्राणायाम (Anulom Vilom Pranayama)

अनुलोम विलोम प्राणायाम शरीर और मन को शांत करता है और पाचन शक्ति को बढ़ाता है। यह पेट की गैस को कम करने में सहायक है।

विधि:

आरामदायक स्थिति में बैठें।
दाएं नाक के छिद्र को अंगूठे से बंद करें और बाएं नाक के छिद्र से गहरी साँस लें।
अब बाएं नाक के छिद्र को अनामिका से बंद करें और दाएं नाक के छिद्र से साँस छोड़ें।
इसी प्रक्रिया को विपरीत क्रम में दोहराएं।
यह प्रक्रिया 5-10 मिनट तक करें।
लाभ:

पेट की गैस को कम करता है।
पाचन तंत्र को सुधारता है।
मन को शांत करता है।
योग और जीवनशैली में बदलाव (Yoga and Lifestyle Changes)
योग के साथ-साथ, कुछ जीवनशैली में बदलाव भी पेट की गैस को कम करने में सहायक होते हैं:

Yoga संतुलित आहार (Balanced Diet):

फाइबर युक्त आहार, ताजे फल और सब्जियाँ, और हाइड्रेशन पर ध्यान दें। भारी और तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें।
छोटे भोजन (Small Meals):

एक बार में अधिक खाने से बचें। छोटे-छोटे भोजन खाएं और धीरे-धीरे चबाकर खाएं।

प्राकृतिक उपाय (Natural Remedies):

अदरक, पुदीना, और अजवाइन जैसे प्राकृतिक पदार्थ पेट की गैस को कम करने में सहायक होते हैं।
तनाव प्रबंधन (Stress Management):

तनाव पेट की गैस को बढ़ा सकता है। योग, ध्यान, और प्राणायाम से तनाव को कम करें।

Yoga निष्कर्ष (Conclusion)

पेट की गैस एक आम समस्या है, लेकिन इसे योग और सही जीवनशैली के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। उपरोक्त आसन और प्राणायाम पेट की गैस को कम करने और पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक होते हैं। नियमित योग अभ्यास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं और एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है। इसलिए, इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ जीवन का आनंद लें।

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Anjana Kashyap

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