Former minister Kailash Chaudhary
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नूंह/सुरेन्द्र दुआ (Lok Sabha Elections 2024) 18वां लोकसभा चुनाव महासमर में कूदने के लिए सभी पार्टियां अपने प्रत्याशियों की रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। सत्तारूढ एनडीए ने गुरूग्राम लोकसभा चुनाव में राव इन्द्रजीत सिंह को फिर से मैदान में उतारा हैं। राव इन्द्रजीत सिंह व उनके पिता जी स्व0 पूर्व मुख्यमंत्री राव विरेन्द्र सिंह की दक्षिणी हरियाणा में धाक किसी से छिपी हुई नही है। गुरूग्राम लोकसभा सीट में जिला गुरूग्राम, रेवाडी व जिला नूंह(मेवात) समेत तीन जिले शामिल है। परिसीमन से पूर्व रेवाडी व गुरूग्राम जिला महेन्द्रगढ लोकसभा सीट में शामिल था और 14वीं लोकसभा में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लडकर अपनी प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी सुधा यादव को 210,341 मतों के अंतर से हराया था। इसी तरह, 2009 में परिसीमन के बाद 15वीं लोकसभा चुनाव में उन्होंने गुडगांव लोकसभा सीट पर चुनाव लडकर बसपा के प्रत्यासी जाकिर हुसैन को हराया था। इसके बाद राव ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल में होकर अहीरवाल के गढ़ रेवाडी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोरदार ढंग से रैली कराकर पार्टी में अपनी अहीरवाल की पेंठ का भी संदेश देने के अलावा मतदाताओं को भी रिझाने का काम किया था और 2014 व 2019 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर में युवाओं, महिला, अधैड व बुजुर्ग आदि ने जमकर मोदी के नाम पर वोट किया और भाजपा प्रत्याशी राव इन्द्रजीत सिंह को भारी अंतर से जीत हांसिल हुई। गुरूग्राम लोकसभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं का अन्य जातियों से मत फीसदी अधिक हैं। सियासी दल मतदाताओं के साथ गुणा-भाग करने के बाद ही प्रत्याशी मैदान में उतारते हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशी की जीत -हार का आंकडा दोनों वर्ग के मतदाताओं पर अधिक निर्णायक रहता हैं। जबकि अन्य जातियों के मत प्रत्याशी की जीत-हार का फैसला करते हैं। 18वीं लोकसभा महासमर में एनडीए ने फिर से राव इन्द्रजीत सिंह पर भरोसा जताया हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी व राव स्वंय ही जिला नूंह(मेवात) में 2024 के लोकसभा चुनाव में इतिहास बनाने के मकसद से पार्टी वर्करों के संग कामयाब बैठक भी आयोजित कर चुके हैं, किंतु कांग्रेस,आप,जजपा, इनेलो, बसपा,लोसुपा समेत अन्य किसी दल द्वारा राव के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारने से भाजपाईयों के सितारे बुलंद हैं और आंकडों के लिहाज से उनके चौका लगाने के दावे भी पेश कर रहे हैं।
हांलाकि, कांग्रेस व अब भाजपा में रहकर उनके विरोधियों की नाराजगी की बात भी किसी से छिपी हुई नही हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान जिला नूंह व रेवाडी में उनकी अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं की आयोजित बैठक के दौरान कथित भाजपाईयों द्वारा उनके कार्यक्रम के दौरान बनाई गई दूरियों का भी राव द्वारा दिये गये कड़ा संदेश भी चुनावी समर में जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
दरअसल, दक्षिणी हरियाणा में आज भी राव के पिता जी पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद राव विरेन्द्र परिवार का दबदबा की बात जग जाहिर हैं और उनके दिवंगत होने के बाद अहीरवाल में राव परिवार के सितारे बुलंद रहने से अधिकांश सियासी दलों के आगे उनके विरोध की बात धराशाही हो जाती हैं। फिल्हाल वह अपनी जीत का चौका लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी की बात को लेकर चुनावी समर में डटे हुए हैं जबकि विरोधी पार्टी भी यहां से लगातार चौथी बार सांसद बनने का सपना संजोए भाजपा प्रत्याशी राव इन्द्रजीत सिंह को चारों खाने चित करने के लिए चुनाव मैदान में दमदार प्रत्याशी को उतारने की रणनीति बना रहे हैं।

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Anjana Kashyap

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