History of Jallianwala Bagh Massacre
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History of Jallianwala Bagh Massacre: जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अत्यधिक महत्वपूर्ण घटना है, जिसने भारतीय इतिहास को अमर बना दिया। इस घटना के पीछे कई कारण थे, और इसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी। यहाँ हम जलियांवाला बाग नरसंहार का इतिहास विस्तार से जानेंगे:

1. परिचय: History of Jallianwala Bagh Massacre
जलियांवाला बाग नरसंहार नामक घटना 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर, पंजाब में हुई। इसमें ब्रिटिश शासन के सैनिकों ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में बिना किसी सुचारु आदेश के बिना हिंसक ढंग से फायरिंग की, जिसमें कई अन्यायपूर्ण और निर्दयी ब्रिटिश सेना के सैनिकों ने बिना किसी विचार के बिना अमनपसंद प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं।

2. कारण: History of Jallianwala Bagh Massacre
जलियांवाला बाग नरसंहार के कई कारण थे, जिनमें से कुछ मुख्य हैं:

रोलेट एक्ट: रोलेट एक्ट 1919 को पारित किया गया था, जिसमें ब्रिटिश सरकार को विद्रोहकारियों के खिलाफ कठोर कानून लागू करने की अनुमति थी। यह कानून लोगों को गिरफ्तार करने की अनुमति देता था बिना किसी अपील के। आम्रितसर में उच्च तनाव: जलियांवाला बाग में हिंसक घटना के पहले, अमृतसर में आम्रितसर कांड कहा जाने वाला घटनाक्रम हुआ था, जिसमें एक ब्रिटिश अधिकारी की हत्या हो गई थी। इसने अमन की स्थिति को और बदतर बना दिया था। संगठित प्रदर्शन: ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जनसमर्थन का एक मामूली उदाहरण, जिसमें स्थानीय नेता द्वारा आयोजित धर्मनिरपेक्ष प्रदर्शन शामिल था।
3. घटना: History of Jallianwala Bagh Massacre
जलियांवाला बाग में हिंसक घटना 13 अप्रैल 1919 को हुई। इस दिन, लोगों ने बैरिकेड पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। ब्रिटिश सेना ने बिना किसी चेतावनी के और बिना किसी विचार के गोलियों की बरसात की। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

4. परिणाम: History of Jallianwala Bagh Massacre
जलियांवाला बाग नरसंहार के परिणाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। यह घटना देश भर में आंदोलनों की लहर को उत्पन्न कर दी, जिससे ब्रिटिश सरकार को लोकतंत्र के प्रति अपने कार्यों का पुनरावलोकन करना पड़ा।

5. समापन: History of Jallianwala Bagh Massacre
जलियांवाला बाग नरसंहार एक अध्याय था, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्थान बनाया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि स्वतंत्रता और न्याय के लिए लड़ना हमारी जिम्मेदारी है, और हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए।

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Anjana Kashyap

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