Foreign Exchange reserves
0 1 min 3 weeks
0 0
Spread the love
Read Time:5 Minute, 25 Second

Foreign Exchange reserves: ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद Forex reserves फिसला, जानें RBI के खजाने में कितना है

Foreign Exchange reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex reserves) ने हाल ही में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने के बाद गिरावट दर्ज की है। यह गिरावट कई महत्वपूर्ण कारणों और वित्तीय गतिविधियों का परिणाम है।

विदेशी मुद्रा भंडार का महत्व Foreign Exchange reserves

Foreign Exchange reserves

विदेशी मुद्रा भंडार वह संपत्ति है जिसे किसी देश का केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण अपने पास रखता है। इसमें आमतौर पर विदेशी मुद्राएं, सोना, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के विशेष आहरण अधिकार (SDRs), और IMF में आरक्षित स्थिति शामिल होती है। यह भंडार देश की अर्थव्यवस्था के लिए आर्थिक संकट के समय एक सुरक्षा जाल के रूप में कार्य करता है और मुद्रा की स्थिरता सुनिश्चित करता है

विदेशी मुद्रा भंडार की हाल की प्रवृत्तियाँ Foreign Exchange reserves

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फरवरी 2024 में 5.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की गिरावट के बाद 617.23 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर आ गया, जो पिछले महीने के उच्च स्तर से नीचे आ गया था। इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा संपत्तियों में ​ और सोने के भंडार में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी था

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के कारण Foreign Exchange reserves

Foreign Exchange reserves

आरबीआई का हस्तक्षेप: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बाजार में हस्तक्षेप किया ताकि रुपये की अत्यधिक गिरावट को रोका जा सके। इससे विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आई

जून 2024 तक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास कुल विदेशी मुद्रा भंडार $642.63 बिलियन है। इस भंडार में विभिन्न घटक शामिल हैं:

विदेशी मुद्रा संपत्तियाँ (Foreign Currency Assets): ये सबसे बड़ा हिस्सा होता है, जो मुख्यतः अमेरिकी डॉलर, यूरो, ब्रिटिश पाउंड, और अन्य प्रमुख मुद्राओं में होता है। मार्च 2024 तक विदेशी मुद्रा संपत्तियाँ $568.264 बिलियन थीं।

स्वर्ण भंडार (Gold Reserves): स्वर्ण भंडार का हिस्सा $51.487 बिलियन था। स्वर्ण भंडार मुद्रास्फीति के खिलाफ एक हेज के रूप में कार्य करता है और आर्थिक अनिश्चितताओं के समय में सुरक्षा प्रदान करता है।

विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights – SDRs): यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा बनाए गए अंतर्राष्ट्रीय रिज़र्व संपत्तियाँ हैं। ये भारतीय रिज़र्व का एक हिस्सा हैं और $18.32 बिलियन का योगदान करते हैं।

IMF में रिजर्व पोर्शन (Reserve Tranche Position): यह IMF में भारत की कोटा स्थिति को दर्शाता है और $4.56 बिलियन का हिस्सा है।

ये भंडार विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक कारणों से बनाए और प्रबंधित किए जाते हैं, जैसे कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का समर्थन, रुपये की स्थिरता बनाए रखना, और देश की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करना।

भंडार के स्तर में परिवर्तन विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों में परिवर्तन, आर्थिक वृद्धि और स्थिरता, व्यापार संतुलन, और राजनीतिक स्थिरता शामिल हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक इन भंडारों का उपयोग मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए करता है ताकि अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके और रुपये की स्थिरता बनाए रखी जा सके

Also read: Haryana UG College Admission 2024 Online Form

Also read: सरकार की बड़ी नियम राशन कार्ड में फिर से E-KYC करना होगा वरना रद्द भी होना शुरू how to E-KYC Ration Card haryana

Also read: Bekaaboo web series story lyrics in hindi

Also read: घर से कैसे दूर करें कलह क्लेश, गृह शांति के उपाय जानिए How to remove discord from home

Also read: आपके पानी में बैक्टिरिया है तो इसे शुद्ध कैसे करें आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया how to purify water

Follow us: Youtube Facebook

About Post Author

Anjana Kashyap

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %